Prof. Sunil Dixit Awarded Ph.D. Degree By Devi Ahilya University, Indore Admission started for new session 2017-18
Dr. A.K. Kapadia
Principal.

सन्माननीय पालक, प्रिय छात्र / छात्रा

धर्म शिक्षा और राजनीति के लिए प्रसिद्ध ऐतिहासिक नगर बुरहानपुर के विकास के लिए सेवा सदन महाविद्यालय का योगदान अविस्मरणीय है | नगर के प्रबुद्ध नागरिको व शिक्षाविदो की दूरदृष्टी के फलस्वरूप सन 1954 में स्थापित हमारा महाविद्यालय आज पूरी आभा और वैभव के साथ बुरहानपुर के सम्यक शैक्षणिक एवं बौद्धिक मार्गदर्शन के माध्यम के रूप में उभरकर आया है | महाविद्यालय की इस विकास यात्रा में संस्थापक प्राचार्य स्वर्गीय घनश्यामदास चौकसे साहब के साथ-साथ समिती के अध्यक्ष पद को सुशोभित करने वाले स्व. केशवराव देशमुख, स्व. विश्वनाथ शास्त्री, स्व. ठा. नवलसिंह, स्व. फकीरचंद कपूर, स्व. ठा. शिवकुमारसिंह और स्व. ठाकुर महेंद्रकुमारसिंह जैसे कार्मयोगियो का मै स्मरण करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित करता हू | इन महापुरुषो के कुशल नेतृत्व, उचित मार्गदर्शन, अतुल्य निष्ठा और समर्पणभाव ने सेवासदन महाविद्यालय को समूचे मध्यप्रदेश में उत्कृष्ठ स्थान दिलाया है | वर्तमान अध्यक्ष ठाकुर वीरेंद्रसिंह और उनके सह्योगियो के अनवरत व अथक प्रयासो से आज महाविद्यालय में वह सभी सुविधाए उपलब्ध है जो एक उच्च शिक्षा संस्थान में होणा चाहिये |

महाविद्यालय परिवार एक संयुक्त परिवार कि तरह है जिसमे प्रबंधकगण, प्राचार्य, प्राध्यापक, कर्मचारी और छात्र / छात्राए आते है | इन सभी अंगो को जोडने का तंतु है एक दुसरे के प्रति अटूट विश्वास और आत्मियता | छात्रो में अनुशासन, आचरण और अध्ययन के प्रति अभिरुची बेमिसाल है | नगर का सबसे बडा महाविद्यालय होने पर भी यहा किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना आज तक घटीत नही हुई है, न कोई छात्र आंदोलन, न कोई छात्र उद्दंडता का व्यवहार | इसके लिये यहा के शिक्षकगण और छात्रगण प्रशंसा के पात्र है | यह अतीव प्रसन्नता की बात है की इस महाविद्यालय में आज तक रेगिंग का एक भी मामला नही हुआ है क्योकी यहा के छात्र-छात्राए एक-दुसरे की अस्मिता का सन्मान करते है | मानवीय मुल्यो को सर्वोपरी मानते है |

प्रिय छात्रो.! सेवा सदन महाविद्यालय में उच्च शिक्षा ग्रहण करने का अनोखा अवसर आप को प्राप्त हो रहा है | अतः ध्यान रहे महाविद्यालय में 3 से 5 वर्ष आप अध्ययन में व्यतित करेंगे | समय का अधिकाधिक सदुपयोग करते हुए आप अपने जीवन का विकास पूरा करे और अपने माता-पिता कि आशाओं पर खरा उतरे | जैसे मैने पहले कहा अनुशासन, आचरण और अध्ययन को आधार बनाकर आप को अपना सर्वांगीण विकास करना है |

विद्या ददाति विनयम विनयाद्याती पात्रताम |
पात्रत्वाद धनमाप्नोती धनाद धर्म ततः सुखम |

अर्थात विद्या विनय देती है, विनय से पात्रता और पात्रता से धन प्राप्ति होती है | धन से धर्म और धर्म से सुख की प्राप्ति होती है | अतः विनय, विद्या प्राप्ति का परिणाम है, सफल एवं सुखमयी जीवन का मूल मंत्र है |

इस विवरणिका के प्रशासन का उद्देश्य महाविद्यालय में प्रवेश लेने के इच्छुक छात्रो और उनके पालको को महाविद्यालय के बारे में अनिवार्य जानकारी प्रदान करना है | महाविद्यालय का संचालन करने वाले मेनेजमेंट, पढानेवाले प्राध्यापकगण, विभिन्न क्रिया कलापो के संबंध में विवरणिका में जानकारी उपलब्ध है | सेवा सदन महाविद्यालय में आपका अध्ययन काल सार्थक और आप का भविष्य उज्ज्वल हो, यही मंगलकामना है | मेरी शुभकामनाये आप सभी छात्र-छात्राओ के साथ है |
धन्यवाद !
(डॉ अनिल कपाडिया)